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ABOUT OUR TRUST

ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य

उन्ह होनहार बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिलवाकर महान बनाना है, जो आर्थिक-कमजोर हालात के कारण अपनी पढ़ाई कर पाने में असमर्थ है, ट्रस्ट ऐसे प्रतिभावान एवं होनहार बच्चों को गोद लेकर उनकी पढ़ाई-लिखाई व ट्यूशन फ़ीस का सारा ख़र्च स्वयं वहन करता है।

मान्यवर,
आपको यह जानकर अति हर्ष होगा की माता धनपति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जिसके सन्दर्भ में पेश है-,

प्रगति रिपोर्ट 2016-17

माता धनपति देवी चैरीटेबल ट्रस्ट (रजि.) रोहतक की स्थपना वर्ष 2006 में 17 बच्चों को गोद लेकर शिक्षा दिलवाकर की गई। अब इस वर्ष 2017-18 में यह संख्या बढ़कर क़रीब 250 हो गई हैं तथा ये सभी बच्चे विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे है व ट्रस्ट के शिक्षा सदन पर नियमित रूप से ट्यूशन ग्रहण कर के अपने भविष्य को सफ़ल बना रहे हैं। हरियाणा राज्य वॉलीबॉल टीम से खेल रही ट्रस्ट की छात्रा अनामिका ने नैशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में दूसरा स्थान प्राप्त कर ट्रस्ट के गौरव को बढ़ाया है। ट्रस्ट का 1 लड़का N.I.T. Kurukshetra से B.Tech कर रहा है तथा 1 छात्र N.I.T. Kurukshetra से B.Tech करके कंपनी में 17 लाख रुपये के पैकेज पर कार्यरत है। ट्रस्ट के 2 बच्चें Vaish College of Engineering से B.Tech, 4 बच्चें C.A, 1 छात्रा Polytechnic से निःशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे है। इसके अलावा ट्रस्ट शिक्षा सम्बंधित सारी सामग्री व ट्यूशन निःशुल्क उपलब्ध करवा रहा है। ट्रस्ट द्वारा इन बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए हर 15 पन्द्रह दिन में बाल संस्कार केन्द्र का आयोजन किया जाता है। जिससे की ये बच्चे अपनी विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए सुन्दर जीवन जी सके। यही नहीं ट्रस्ट द्वारा दिनांक 28 अक्टूबर 2012, को नेत्रदान व नेत्र जागृति शिविर लगाया गया था जिसमें 56 व्यक्तिओं ने अपने मरनोपरान्त नेत्र दान करने का संकल्प लिया। जिनमें से ट्रस्ट अभी तक अपने प्रयास से 5 व्यक्तियों के मरनोपरान्त नेत्र दान करवा चुका है। वर्ष 2012-13 में दैनिक जागरण समाचार पत्र द्वारा ट्रस्ट की गतिविधियों को सांझी परिशिष्ट में दर्शा कर ट्रस्ट को हरियाणा का सुपर ‘200’ का दर्जा दिया।

इस वर्ष ट्रस्ट में गोल्ड मैडल से दीपिका वर्मा, सिल्वर मैडल से परम जांगड़ा व कांस्य मैडल से प्रियंका जांगड़ा को नवाजा गया तथा ट्रस्ट की ‘Best Girl’ निकिता व ‘Best Boy’ का अवार्ड अजय को दिया गया। वर्ष 2011-2012 में दसवीं कक्षा के 40 में से 40 व बारहवीं कक्षा में 11 में से 7 छात्र-छात्राओं ने, वर्ष 2012-2013 में दसवीं कक्षा के 27 में से 24 व बारहवीं कक्षा के 8 में से 5 छात्र-छात्राओं ने, वर्ष 2013-2014 में दसवीं कक्षा के 17 में से 17 व बारहवीं कक्षा के 11 में से 8 छात्र-छात्राओं नें, वर्ष 2014-2015 में दसवीं कक्षा के 28 में से 26 व बारहवीं कक्षा के 18 में से 16 छात्र-छात्राओं ने, वर्ष 2015-2016 में दसवीं कक्षा के 41 में से 40 व बारहवीं कक्षा के 10 में से 9 छात्र-छात्राओं ने तथा वर्ष 2016-2017 में दसवीं कक्षा के 21 में से 19 व बारहवीं कक्षा के 14 में से 12 छात्र-छात्राओं ने हरियाणा बोर्ड की परीक्षा में ओपन मैरिट प्राप्त कर अपने ट्रस्ट, अपने स्कूल और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया। यहीं नहीं कक्षा 6वीं, 7वीं, 8वीं, 9वीं, व 11वीं कक्षा के सभी छात्र-छात्राओं ने भी अपने-अपने विद्यालयों की अपनी-अपनी कक्षाओँ में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त कर अपने ट्रस्ट, अपने स्कूल और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया। अभी तक ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क पढ़ाए गए अनेको छात्र विभिन्न कम्पनीयों में कार्यरत है, ये सभी बच्चे अपने परिवार का भरण-पोषण करके समाजसेवा में अग्रसर है और ट्रस्ट को निरंतर सहयोग दे रहे है।

यह तभी संभव हो पाया है जब ट्रस्ट के 230 सदस्य अपनी पुण्य कमाई में से ट्रस्ट को निरन्तर सहयोग दे रहे है। इन्ह बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने शिक्षा सदन को 41,00,000 रूपये में खरीद क्र समाज को समर्पित किया।

ट्रस्ट आपसे निवेदन करता है कि आप भी 500 रुपए प्रति माह के सदस्य बनकर या एकमुश्त दान देकर इस पुण्य कार्य के यज्ञ में आहुति देवे ताकि ज्यादा से ज्यादा होनहार छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाया जा सके।

1. ट्रस्ट का लेख-जोखा प्रति वर्ष C.A द्वारा ऑडिट कराया जाता है।
2. ट्रस्ट की Income Tax Return हर वर्ष समय पर भरी जाती है।
3. ट्रस्ट में दान देने पर आयकर विभाग द्वारा 80,G के तहत दानदाताको छूट प्राप्त है।
4. भविष्य में ट्रस्ट के द्वारा छात्र-छात्राओं को IIT एवं PMT की परीक्षा की तैयारी करवाने पर विचार किया जा रहा है।

ट्रस्ट आपको विश्वास दिलाता है कि आप सदस्यों द्वारा दी गई राशि का एक-एक पैसा इन बच्चों की पढ़ाई में खर्च हो रहा है। यह एक महान यज्ञ है जो प्राणी इस यज्ञ में तन-मन-धन से आहूति देंगे, उन्हें परमात्मा हर हालत में सफलता प्रदान करेंगे, ऐसा धर्म ग्रंथो में कहा गया है।